Personlig udvikling
यह पुस्तक डेल कारनेगी द्वारा अंग्रेजी में लिखी गई पुस्तक 'हाउ टू विन एंड इन्फ्लुएंस पीपुल' का हिन्दी अनुवाद है, जो मनुष्य को व्यवहार कुशल बनाने में विभिन्न माध्यमों द्वारा दिशा प्रदान करती है। समूह में मनुष्य भी रहते हैं और पशु भी, परंतु अपनी पहचान वही बना पाते हैं, जो व्यवहार में कुशल होते हैं। असंख्य आबादी वाले इस विश्व में हर मनुष्य का अपना एक अलग व्यक्तित्व है। हर कोई एक-दूसरे से आगे निकलना चाहता है और अपनी उपस्थिति को दर्ज कराना चाहता है, परंतु सामने वाले को समझना व उसके दायरे में प्रवेश कर उस पर अपना प्रभाव डाल पाना आसन काम नहीं है। यह तभी संभव है जब हमारा व्यवहार उस भीड़ से अलग और आकर्षक हो। घर-परिवार के लोग हों या अड़ोसी-पड़ोसी, कार्यक्षेत्र में आपका बॉस हो या सहकर्मी, सभी के साथ तालमेल बैठाने के लिए हमें अपने आप में बहुत कुछ रूपांतरित व संतुलित करना पड़ता है। फिर वह हमारी बोली हो या हमारा दृष्टिकोण, हमारा व्यवहार हो या व्यक्तित्व, हमारी छोटी-बड़ी हर आदत हमारे व्यवहार को प्रभावित करती है। इसलिए हमें अपने व्यवहार पर हमेशा ध्यान देना चाहिये। यह पुस्तक डेल कारनेगी के लंबे अनुभव का एक गहरा निचोड़ है, जो पाठकों के लिए गागर में सागर के समान है। छोटी-छोटी कहानियों एवं घटनाओं के माध्यम से लेखक ने व्यवहार के हर पहलू को रेखांकित करने का प्रयास किया है। लोगों के साथ कैसा व्यवहार करें? कैसे अच्छे वक्ता बनें? दूसरों में दिलचस्पी कैसे जगाएं? आलोचना का सामना कैसे करें? अपनी गलती को कैसे सुधारें? सफल व सकारात्मक होने के कौन से नुस्खे हैं? आदि विषयों पर बहुत ही प्रभावी ढंग से प्रकाश डाला गया है। यह पुस्तक अपने आप में एक गाइड है, जो हमें हमारे अंतरतम में यात्रा कराते हुए हमारे भीतर छुपी हुई वास्तविकता से रूबरू कराती है। साथ ही, यह हमारे भीतर गजब का आत्मविश्वास भी पैदा करती है।
© 2023 Prabhakar Prakshan (E-bog): 9789389851540
Udgivelsesdato
E-bog: 10. august 2023