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भारतवर्ष के महान कूटनीतिज्ञ आचार्य चाणक्य ने बेहद साधारण परिवार में जन्म लिया था। लेकिन अपनी राजनीतिक सूझबूझ और ज्ञान के आधार पर वे मौर्य साम्राज्य के संस्थापक और चंद्रगुप्त मौर्य के महामंत्री बने। आचार्य चाणक्य ने चाणक्य नीति की रचना की। केवल प्राचीन काल में ही नहीं, बल्कि वर्तमान तथा भविष्य में भी इनके बताए गए सूत्र जीवन में हर कदम पर महत्त्वपूर्ण साबित होते हैं और होते रहेंगे। आचार्य चाणक्य ने अपनी बुद्धिमता, विवेक, चतुराई, अनुभव तथा ज्ञान के आधार पर मनुष्य जीवन के लिए इन सूत्रों का निर्माण किया और उनके लिखे हुए यह सूत्र आज भी जिंदगी के हर पहलू में उतने ही प्रासंगिक हैं। यदि यह कहा जाए, कि ईश्वर द्वारा ही आचार्य चाणक्य को यह प्रेरणा दी गई कि वे मानव मात्र की भलाई के लिए इन सूत्रों की रचना करें जिससे की संपूर्ण मानव जाति लाभान्वित हो सके और सही मार्ग पर चलने में सफल हो सके, तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। आचार्य चाणक्य ने जीवन के सभी पहलुओं पर मानव की प्रकृति को आधार बनाकर सभी सूत्रों की रचना की है और हर प्रकार के पहलू पर प्रकाश डाला है। यह बात बेहद आश्चर्यचकित करने वाली है कि उन्होंने राजनीति, सामाजिक जीवन, प्रेम, भक्ति, ज्ञान आदि सभी पहलुओं पर बारीकी से अध्ययन करके इन अनमोल सूत्रों की रचना की है।
© 2024 Prabhakar Prakshan (E-bog): 9789389851014
Udgivelsesdato
E-bog: 12. august 2024